Printer क्या होता है? (What is Printer in Hindi) | Types of Printer | प्रिंटर के प्रकार

Jeetu Singh
0
Printer Kya Hota Hai in Hindi - आज के आधुनिक डिजिटल युग में लगभग हर व्यक्ति Computer का उपयोग करता है। Computer से जुड़े सभी महत्वपूर्ण उपकरणों में से एक Printer है। चाहे स्कूल का प्रोजेक्ट हो, ऑफिस का डॉक्यूमेंट या कोई बिल – जब हमें कंप्यूटर में मौजूद जानकारी को कागज पर निकालना होता है, तो Printer की जरूरत पड़ती है।

Printer कई प्रकार के होते हैं और हर Printer का उपयोग अलग-अलग कामों के लिए किया जाता है। इस पोस्ट में हम विस्तार से जानेंगे Printer क्या होता है, Printer कितने प्रकार के होते हैं और Printer कैसे काम करता है।

Printer Kya Hota Hai and Types of Printer
Printer Kya Hota Hai and Types of Printer


Printer क्या है? (What is Printer in Hindi)


Printer एक Output Device है, जिसकी मदद से कंप्यूटर में मौजूद Text, Image और Graphics को कागज पर छापकर (Print करके) प्राप्त किया जाता है।

कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने वाला आउटपुट Soft Copy कहलाता है, जबकि Printer द्वारा कागज पर छपी हुई प्रति को Hard Copy कहा जाता है।

Printer द्वारा कंप्यूटर से प्राप्त डिजिटल संकेत (0 और 1 के रूप में) Hindi, English या अन्य भाषाओं में बदलकर कागज पर छापे जाते हैं, जिससे यूजर उस जानकारी को आसानी से पढ़ सकता है।

सरल शब्दों में, Printer कंप्यूटर की डिजिटल जानकारी को पढ़ने योग्य कागजी रूप में बदलने वाला उपकरण है। Printer एक सामान्य अंग्रेज़ी शब्द (Common English Word) है, जो Print शब्द से बना है। जिसका अर्थ / मतलब होता है — छापने वाला उपकरण।

Printer की आवश्यकता क्यों होती है?


कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी को लंबे समय तक पढ़ना या सुरक्षित रखना हमेशा आसान नहीं होता। स्क्रीन पर पूरा डेटा एक साथ दिखाई नहीं देता, बल्कि हमें जानकारी देखने के लिए बार-बार स्क्रीन को ऊपर-नीचे (Scroll) करना पड़ता है। इसके अलावा, कंप्यूटर स्क्रीन से किसी भी जानकारी को सीधे कागज पर नहीं लिया जा सकता।

ऐसी स्थिति में Printer की आवश्यकता होती है। Printer की मदद से हम कंप्यूटर में मौजूद किसी भी डॉक्यूमेंट, फोटो, रिपोर्ट, बिल या वेब पेज को कागज पर छापकर प्राप्त कर सकते हैं। कागज पर छपी हुई यह जानकारी Hard Copy कहलाती है, जिसे हम आसानी से पढ़ सकते हैं, संभालकर रख सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर कहीं भी उपयोग कर सकते हैं।

आज के समय में ऑफिस, स्कूल, कॉलेज, बैंक और सरकारी कार्यों में दस्तावेज़ों की हार्ड कॉपी की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। Printer के बिना कंप्यूटर में मौजूद डिजिटल जानकारी को आधिकारिक या भौतिक रूप में प्रस्तुत करना संभव नहीं है।

केवल Ctrl + P कमांड का उपयोग करके हम पूरे डॉक्यूमेंट, फोटो या वेब पेज को आसानी से Print कर सकते हैं। इसी कारण Printer को कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण Output Device माना जाता है।

Printer कैसे काम करता है?


Printer का कार्य करने का तरीका काफी सरल होता है। जब हम कंप्यूटर में किसी डॉक्यूमेंट, फोटो या वेब पेज को Print करने का कमांड देते हैं, तो सबसे पहले कंप्यूटर से डिजिटल डेटा 0 और 1 (Binary Code) के रूप में Printer तक भेजा जाता है।

Printer इस डिजिटल डेटा को समझकर उसे Hindi, English या अन्य भाषाओं के अक्षरों, चित्र (Images) और ग्राफिक्स के रूप में प्रोसेस करता है। इसके बाद Printer अपनी तकनीक (जैसे Inkjet, Laser या Dot Matrix) के अनुसार स्याही, टोनर या रिबन की मदद से उस जानकारी को कागज पर छाप देता है।

इस पूरी प्रक्रिया के बाद कंप्यूटर में मौजूद Soft Copy, कागज पर Hard Copy के रूप में बदल जाती है, जिसे यूजर आसानी से पढ़ सकता है, संभालकर रख सकता है और आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकता है। इसी प्रक्रिया को Printing Process कहा जाता है।

Types of Printer in Hindi – प्रिंटर कितने प्रकार के होते हैं?


प्रिंटर को उसकी Printing Technology (छपाई की तकनीक) के आधार पर मुख्य रूप से दो प्रकार में बाँटा गया है। इन दोनों प्रकार के प्रिंटरों की कार्य-प्रणाली और उपयोग एक-दूसरे से अलग होते हैं-

  1. Impact Printer (इम्पैक्ट प्रिंटर)
  2. Non-Impact Printer (नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर)

अब हम इन दोनों प्रकार के प्रिंटरों को विस्तार से समझते हैं।

Impact Printer क्या है? (इम्पैक्ट प्रिंटर)


Impact Printer वे प्रिंटर होते हैं जिनमें Print Head, Ribbon और Paper आपस में टकराते हैं। इस टकराव (Impact) के कारण अक्षर या चित्र कागज पर छपते हैं। इन प्रिंटरों की कार्य-प्रणाली टाइपराइटर जैसी होती है। Impact Printer में-👇

  • स्याही लगी हुई Ribbon का उपयोग होता है
  • अक्षर ठोस फॉन्ट या डॉट्स के रूप में छपते हैं
  • आवाज़ अधिक होती है
  • प्रिंटिंग क्वालिटी सामान्य होती है

Solid Font Method (ठोस-मुद्रा अक्षर विधि)


इस विधि में टाइपराइटर की तरह धातु के ठोस टाइपसेट होते हैं, जिन पर अक्षर उभरे रहते हैं। यही अक्षर रिबन के माध्यम से कागज पर छपते हैं।

Dot Matrix Method (डॉट मैट्रिक्स विधि)


इस विधि में प्रिंट हेड में कई पिन (Pins) होते हैं, जो कागज और रिबन पर टकराकर छोटे-छोटे डॉट बनाते हैं। ये डॉट मिलकर अक्षर और चित्र तैयार करते हैं। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर की प्रिंट गति सामान्य रूप से 30 से 600 कैरेक्टर प्रति सेकण्ड (CPS) तक होती है।

Impact Printer के प्रमुख उदाहरण-👇

  1. Dot Matrix Printer
  2. Daisy Wheel Printer
  3. Drum Printer
  4. Chain Printer
  5. Band Printer

Impact Printer पुराने समय के प्रिंटर हैं, जो टाइपराइटर जैसी तकनीक पर काम करते हैं। आज भी ये बिलिंग, रसीद और Continuous Paper Printing जैसे कार्यों में उपयोगी हैं, लेकिन आधुनिक ऑफिस और घरों में Non-Impact Printer ज्यादा लोकप्रिय हैं।

Non-Impact Printer क्या है? (नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर)


Non-Impact Printer वे प्रिंटर होते हैं। जिनमें Print Head और Paper के बीच कोई सीधा संपर्क नहीं होता। इस कारण इन प्रिंटरों में प्रिंटिंग के समय आवाज़ बहुत कम होती है और आउटपुट की क्वालिटी बेहतर होती है।

ये प्रिंटर आधुनिक तकनीक पर आधारित होते हैं और तेज़ गति, उच्च रिज़ॉल्यूशन तथा साफ टेक्स्ट और ग्राफिक्स छापने में सक्षम होते हैं। आज के समय में घर, ऑफिस, स्कूल-कॉलेज और व्यवसायिक कार्यों में सबसे अधिक Non-Impact Printer का उपयोग किया जाता है।

Non-Impact Printer की मुख्य विशेषताएँ


  • Print Head और Paper का आपस में संपर्क नहीं होता
  • प्रिंटिंग के समय आवाज़ बहुत कम होती है
  • प्रिंट क्वालिटी उच्च होती है
  • रंगीन (Color) प्रिंट आसानी से निकलते हैं
  • आधुनिक और तेज़ प्रिंटिंग तकनीक पर आधारित

Non-Impact Printer के प्रमुख उदाहरण-👇

  1. Inkjet Printer
  2. Laser Printer
  3. Thermal Printer
  4. Electro-Thermal Printer

ये सभी प्रिंटर आधुनिक तकनीक पर आधारित Non-Impact Printer हैं।

Non-Impact Printing की प्रमुख विधियाँ


1 - Inkjet Printing (इंकजेट प्रिंटिंग)


Inkjet Printing में Print Head के छोटे-छोटे नोज़ल (Nozzles) से स्याही की बारीक बूंदें कागज पर गिराई जाती हैं, जिससे अक्षर और चित्र छपते हैं।

इसकी विशेषताएँ-👇
  • रंगीन प्रिंटिंग के लिए CMYK (Cyan, Magenta, Yellow, Black) रंगों का उपयोग
  • फोटो और ग्राफिक्स प्रिंट करने में उपयुक्त
  • Home और Small Office के लिए लोकप्रिय
  • प्रिंट क्वालिटी अच्छी होती है

2 - Laser Printing (लेज़र प्रिंटिंग)


Laser Printing में Laser Beam और Drum तकनीक का उपयोग किया जाता है। लेज़र किरण द्वारा टोनर को कागज पर चिपकाकर प्रिंट किया जाता है।

इसकी विशेषताएँ-👇
  • बहुत तेज़ प्रिंटिंग गति
  • टेक्स्ट और ग्राफिक्स बेहद साफ
  • Office और Commercial Use के लिए best
  • Inkjet की तुलना में प्रति पेज लागत कम

3 - Thermal Printing (थर्मल प्रिंटिंग)


Thermal Printing में Heat (गर्मी) का उपयोग किया जाता है। इसमें विशेष प्रकार के Thermal Paper पर गर्मी के द्वारा प्रिंट किया जाता है।

इसकी विशेषताएँ-👇
  • स्याही या टोनर की आवश्यकता नहीं
  • रसीद (Receipt) और बिल प्रिंट करने में उपयोग
  • Supermarket, ATM और POS Machine में प्रयोग
  • प्रिंट लंबे समय बाद हल्का पड़ सकता है

4 - Electro-Thermal Printing (इलेक्ट्रो-थर्मल प्रिंटिंग)


Electro-Thermal Printing में Electric Current और Heat दोनों का उपयोग किया जाता है। इसमें विशेष कागज पर गर्म प्रिंट हेड की सहायता से अक्षर छापे जाते हैं।

इसकी विशेषताएँ-👇
  • विशेष प्रकार के कागज की आवश्यकता
  • प्रिंटर मजबूत और टिकाऊ होते हैं
  • सीमित उपयोग, विशेष कार्यों में प्रयोग

Non-Impact Printer आधुनिक समय के सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले प्रिंटर हैं। ये प्रिंटर तेज़, शांत और उच्च क्वालिटी आउटपुट प्रदान करते हैं। Inkjet और Laser Printer आज सबसे अधिक लोकप्रिय Non-Impact Printer हैं।

Printer Types Based on Work – कार्य के आधार पर प्रिंटर के प्रकार


कंप्यूटर प्रिंटर को उनके कार्य, गति और तकनीक के आधार पर विभिन्न प्रकारों में बांटा जा सकता है। आइए इन प्रमुख प्रकारों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Dot Matrix Printer (DMP)


प्रकार: Impact Printer
तकनीक: Ribbon और Pins का उपयोग करके अक्षर और चित्र छापे जाते हैं
गति: 30–600 कैरेक्टर प्रति सेकंड (CPS)
उपयोग: बिल, रसीद और Continuous Paper Printing
विशेषताएँ: यह प्रिंटर टिकाऊ होते हैं और लंबे समय तक काम कर सकते हैं।

Daisy Wheel Printer


प्रकार: Impact Printer
विशेषताएँ: Letter Quality Output प्रदान करता है
गति: धीमी
उपयोग: मुख्य रूप से ऑफिस कार्यों और लेटर प्रिंटिंग में उपयोग

नोट: आजकल बहुत कम उपयोग में आता है क्योंकि यह धीरे चलता है और आधुनिक प्रिंटरों के मुकाबले महंगा है।

Inkjet Printer


प्रकार: Non-Impact Printer
तकनीक: Print Head से स्याही की बूँदें कागज पर गिराकर अक्षर और चित्र बनाता है
रंग: CMYK (Cyan, Magenta, Yellow, Black)
Resolution: लगभग 300 DPI
उपयोग: Home, Small Office और Color Printing के लिए उपयुक्त
विशेषताएँ: स्पष्ट और रंगीन प्रिंटिंग, छोटे आकार के लिए आदर्श

Laser Printer


प्रकार: Non-Impact Page Printer
तकनीक: Laser Beam और Drum Technology का उपयोग
गति: बहुत तेज़
Resolution: 300–600 DPI या अधिक
उपयोग: Office Documents, Commercial Printing और High Quality Text & Graphics
विशेषताएँ: तेज, साफ और Professional Output

Line Printer


प्रकार: High Speed Printer
तकनीक: एक बार में पूरी लाइन प्रिंट होती है
उपयोग: Large Computers और Mainframe Computers में

प्रमुख प्रकार-👇

  1. Drum Printer
  2. Chain Printer
  3. Band Printer

1 - Drum Printer


तकनीक: घूमने वाला ड्रम जिस पर अक्षर उभरे होते हैं
गति: बहुत तेज़, एक घूर्णन में एक पूरी लाइन प्रिंट होती है
उपयोग: High Volume Printing के लिए

2 - Chain Printer


तकनीक: घूमती हुई Character Chain, Hammer द्वारा प्रिंट
गति: एक बार में पूरी लाइन छपती है
उपयोग: High Speed Impact Printing

3 - Band Printer


तकनीक: Chain Printer की जगह Steel Band का उपयोग
प्रकार: High Speed Impact Printer
उपयोग: बड़े कम्प्यूटर सिस्टम और Mainframe के लिए

नोट -👇

Impact Printers (Dot Matrix, Daisy Wheel, Drum, Chain, Band) अधिकतर High Speed या Continuous Paper Printing में उपयोग होते हैं।

Non-Impact Printers (Inkjet और Laser) Home और Office में ज्यादा लोकप्रिय हैं, क्योंकि ये तेज, शांत और उच्च गुणवत्ता वाले आउटपुट देते हैं।

आज क्या सीखा - Conclusion (निष्कर्ष)

इस पोस्ट में आपने विस्तार से जाना कि Printer क्या होता है, Printer कैसे काम करता है और Printer कितने प्रकार के होते हैं। Printer एक महत्वपूर्ण Output Device है, जो कंप्यूटर की डिजिटल जानकारी को कागज पर Hard Copy के रूप में प्रस्तुत करता है।

Impact Printer जहाँ पुराने और विशेष कार्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं, वहीं Non-Impact Printer आधुनिक समय में घर, ऑफिस और व्यवसायिक कार्यों के लिए सबसे अधिक प्रचलित हैं। सही Printer का चयन अपने कार्य, बजट और प्रिंटिंग आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए।

प्रिंटर के बारे में सामान्य प्रश्न (FAQ)

1. प्रिंटर क्या होता है?

प्रिंटर एक आउटपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद डिजिटल जानकारी को कागज पर प्रिंट करके हार्ड कॉपी के रूप में प्रदान करता है।

2. प्रिंटर कितने प्रकार के होते हैं?

प्रिंटर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं – Impact Printer और Non-Impact Printer। Non-Impact Printer में Inkjet, Laser और Thermal Printer शामिल हैं।

3. Non-Impact Printer क्या होता है?

Non-Impact Printer वह प्रिंटर होता है जो कागज पर प्रिंट करने के लिए किसी भी प्रकार की टक्कर (Impact) का उपयोग नहीं करता। यह कम शोर करता है और बेहतर क्वालिटी की प्रिंटिंग देता है।

4. Thermal Printer क्या होता है?

Thermal Printer एक ऐसा प्रिंटर है जो गर्मी (Heat) की मदद से विशेष Thermal Paper पर प्रिंट करता है। इसमें स्याही या टोनर की आवश्यकता नहीं होती।

5. Thermal Printer का उपयोग कहाँ होता है?

Thermal Printer का उपयोग मुख्य रूप से ATM, POS मशीन, सुपरमार्केट, मॉल, रेलवे टिकट और बिल/रसीद प्रिंट करने में किया जाता है।

6. प्रिंटर के क्या लाभ हैं?

प्रिंटर के प्रमुख लाभ हैं – तेज़ प्रिंटिंग, दस्तावेज़ों की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराना, ऑफिस व शिक्षा में उपयोग, और डिजिटल डेटा को सुरक्षित रूप में रखना।

7. घर के लिए कौन सा प्रिंटर बेहतर है?

घर के सामान्य उपयोग के लिए Inkjet Printer सबसे बेहतर माना जाता है क्योंकि यह सस्ता होता है और फोटो व डॉक्यूमेंट दोनों की अच्छी क्वालिटी देता है।


यदि आप Printer क्या है? (What is Printer in Hindi), Types of Printer या प्रिंटर के प्रकार जैसी जानकारी खोज रहे थे, तो यह पोस्ट आपके लिए पूरी तरह उपयोगी है। यहाँ दी गई जानकारी छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं, कंप्यूटर सीखने वालों और सामान्य उपयोगकर्ताओं सभी के लिए लाभदायक है। उम्मीद है कि अब आपको Printer से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियाँ स्पष्ट रूप से समझ आ गई होंगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)
3/related/default

Made with Love by

"NregaJankari.in पर आपको NREGA Updates, जॉब कार्ड विवरण, पेमेंट रिपोर्ट जैसी जानकारी के साथ-साथ आसान भाषा में "Computer Knowledge" भी मिलती है। यहाँ भरोसेमंद, सरल और उपयोगी डिजिटल जानकारी उपलब्ध है।"
To Top